आठवां वेतन आयोग की घोषणा नहीं तो जनवरी 2025 से आंदोलन: एआईआरएफ
आठवें वेतन आयोग की मांग और आंदोलन की तैयारी
आंदोलन की पृष्ठभूमि
प्रयागराज। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने कहा है कि रेलवे कर्मचारी लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली की मांग कर रहे हैं। जनवरी 2023 से चल रहे इस संघर्ष के परिणामस्वरूप सरकार ने गारंटीड पेंशन, गारंटीड फैमिली पेंशन और न्यूनतम पेंशन की व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
अब मुख्य मुद्दा: आठवां वेतन आयोग
रेलवे कर्मचारियों के लिए अब अगला बड़ा मुद्दा आठवां वेतन आयोग का गठन है। शिवगोपाल मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि सरकार दिसंबर 2024 तक आठवें वेतन आयोग की घोषणा नहीं करती है, तो जनवरी 2025 से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
यह बातें उन्होंने प्रयागराज जंक्शन के सिटी साइड में आयोजित सभा के दौरान कही। इस अवसर पर उन्होंने रेलकर्मियों से एकजुटता बनाए रखने और आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।

आठवें वेतन आयोग की आवश्यकता क्यों?
आठवें वेतन आयोग की मांग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कर्मचारियों की आय और जीवनस्तर में सुधार के लिए आवश्यक है। वर्तमान में कई सरकारी कर्मचारियों का मानना है कि उनकी वेतन वृद्धि महंगाई के अनुरूप नहीं है।
आठवें वेतन आयोग से संभावित लाभ:
| बिंदु | लाभ |
|---|---|
| वेतन में वृद्धि | कर्मचारियों की आय में सुधार होगा। |
| पेंशन में सुधार | रिटायरमेंट के बाद की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। |
| कर्मचारियों का मनोबल | संगठन और कर्मचारियों की संतुष्टि बढ़ेगी। |
| महंगाई का मुकाबला | जीवन यापन के लिए बेहतर साधन उपलब्ध होंगे। |
संगठन की उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं
सभा के दौरान शिवगोपाल मिश्रा ने संगठन की अब तक की उपलब्धियों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली के लिए संगठन ने कई बड़े प्रयास किए, जिनमें से गारंटीड पेंशन व्यवस्था एक महत्वपूर्ण परिणाम है।
भविष्य की योजनाएं:
- एलडीसीई (सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा): उन्होंने आश्वासन दिया कि मान्यता चुनाव में जीत के बाद, एलडीसीई के तहत सभी कर्मचारियों के लिए प्रोन्नति के मार्ग खोलने का प्रयास किया जाएगा।
- रेलवे कर्मचारियों के अधिकार: रेलवे कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।
सभा में मौजूद प्रमुख लोग
सभा को संबोधित करने वालों में कई प्रमुख नेता शामिल थे:
- एआईआरएफ के जोनल सचिव: शीतला प्रसाद श्रीवास्तव
- लखनऊ मंडल के मंत्री: आर.के. पांडे
- शाखा मंत्री: अनूप कुमार, नागेंद्र बहादुर सिंह
- अन्य प्रमुख सदस्य: एस.के. सिंह, जीतेंद्र द्विवेदी, डी.एस. यादव, जियाउल हक, वासुदेव पांडेय, सईद अहमद, अरविंद पांडेय
जनवरी 2025: आंदोलन की तैयारियां
आंदोलन के प्रमुख बिंदु:
- आठवें वेतन आयोग का गठन: यदि दिसंबर तक कोई घोषणा नहीं होती है, तो यह आंदोलन का केंद्र बिंदु होगा।
- एकजुटता: कर्मचारियों और यूनियनों को संगठित करके आंदोलन की सफलता सुनिश्चित की जाएगी।
- सरकार पर दबाव: शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाई जाएंगी।
आंदोलन में आपकी भूमिका:
शिवगोपाल मिश्रा ने सभी रेल कर्मचारियों से अपील की कि वे इस आंदोलन में सक्रिय भाग लें और संगठन को मजबूत करें।
आठवें वेतन आयोग का गठन न केवल रेलवे कर्मचारियों बल्कि अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए भी जरूरी है। यह उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएगा और उन्हें महंगाई से राहत दिलाएगा। यदि सरकार इस दिशा में समय पर कार्रवाई नहीं करती है, तो जनवरी 2025 से आंदोलन शुरू होगा।
इस संघर्ष की सफलता के लिए सभी कर्मचारियों और संगठनों का समर्थन आवश्यक है। आठवां वेतन आयोग कर्मचारियों के हितों की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
